उदयपुर, राजस्थान पल्स न्यूज।
जिले में एक बार फिर से तेंदुए का खौफ छाया है। बीते दिनों तीन शिकार के बाद पकड़े गए तेंदुए के बाद एक बार फिर से आदमखोर तेंदुआ आतंक मचा रहा है। शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर गोगुंदा इलाके में तेंदुए ने एक और शिकार किया है। बस्ती से 5 साल की बच्ची को वह उठा ले गया। जंगल में बच्ची की कटी हुई हथेली मिली। उससे कुछ दूर आगे उसका शव पड़ा था।
गांव वाले कुछ कर पाते, इससे पहले ही झाड़ियों के बीच से तेंदुआ आया और शव उठा कर ले गया। इसके बाद से लोगों में तेंदुए का खौफ है, भय के चलते लोगों का जीना दुभर हो गया है, शिकार की इस तरह की घटनाएं आए दिन हो रही है। ग्रामीण रात करीब दो बजे तक शव की तलाश में जंगल की खाक छानते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। बीते 10 दिन में इस इलाके से 4 लोगों का तेंदुआ शिकार बना चुका है।
कल शाम को हाथ-पांव धोते समय ले गया
बताया जा रहा है तेंदुआ कल शाम करीब सात बजे मजावद ग्राम पंचायत के कुडाऊ गांव की भील बस्ती से उस समय बालिका को उठा ले गया, जब वह नाले के पास हाथ-पांव धो रही थी। पांच साल की बच्ची सूरज पुत्री गमेर लाल गमेती पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। आस-पास खड़े बच्चों के चिल्लाने पर गांव वाले आए। वहां से सूरज को खोजने निकले।
पांच सो मीटर दूरी पर मिला हाथ
सूरज को ढूंढते हुए चार से पांच गांव वाले जंगल के पास पहाड़ी इलाके में पहुंचे। घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर बच्ची की कटी हथेली मिली। उससे थोड़ा आगे बढ़ने पर बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। बच्ची के चेहरे और बाएं हाथ को तेंदुआ शिकार बना चुका था। गांव वाले अभी आपस में बात ही कर रहे थे कि झाड़ियों के बीच से तेंदुआ आया और बच्ची का शव खींच ले गया। ग्रामीणों ने शोर मचाया, फिर भी उसने शव नहीं छोड़ा।
सूचना पर पहुंची पुलिस
रात में ही गोगुंदा मुख्यालय पर सूचना मिली तो थानाधिकारी शैतान सिंह मौके पर पहुंचे। बाद में वन विभाग की टीम भी पहुंच गई। टीम के साथ बड़ी संख्या में गांव वाले लाठी लेकर जंगल की ओर पहाड़ियों पर बढ़े। बताया जा रहा है कि रात करीब दो बजे तक शव की तलाश की, लेकिन नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार अभी सुबह तक शव नहीं मिला है। घटना के बाद घटनास्थल कुडाऊ गांव की भील बस्ती के पास रात करीब 11 बजे पिंजरा लगा दिया था।