दिल्ली डेस्क, राजस्थान पल्स न्यूज।
केरला की वायनाड लोकसभा सीट से आज कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपना नामांकन दाखिल किया है। इससे पहले प्रियंका ने कहा- जब मैं 17 साल की थी, तब पहली बार पिता के लिए 1989 में कैंपेन किया था। तब से इन 35 साल के दौरान मां, भाई के लिए वोट मांगें। अब पहली बार खुद के लिए समर्थन मांग रही हूं। नामांकन के दौरान उनके साथ भाई राहुल गांधी, मां सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे। प्रियंका ने रोड शो के बाद वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया।
राहुल गांधी ने कहा कि वायनाड देश का ऐसा क्षेत्र है जहां से 2 सांसद हैं। एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद। दोनों वायनाड के लिए काम करेंगे। प्रियंका गांधी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा ने उनके खिलाफ नाव्या हरिदास को मैदान में उतारा है। लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गांधी ने केरल की वायनाड और यूपी की रायबरेली लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने गांधी परिवार की पारंपरिक रायबरेली सीट को चुना और वायनाड छोड़ दी। यहां पर अब 13 नवंबर को वोटिंग होगी और 23 नवबंर को नतीजे आएंगे।
14 राज्यों की 48 विधानसभा और दो लोकसभा पर उपचुनाव
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र-झारखंड के साथ 14 राज्यों की 48 विधानसभा और 2 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा की है। केरल की वायनाड लोकसभा सीट के साथ 13 राज्यों की 47 विधानसभा सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा और उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी।
लोगों को किया संबोधित
प्रियंका ने कहा किजो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए नफरत का इस्तेमाल किया। उन्होंने अलगाव पैदा किया। यह वह राजनीति नहीं है जिस पर हमारा राष्ट्र बना था। महात्मा गांधी के नेतृत्व में हमारा स्वतंत्रता आंदोलन समानता और हर धर्म के प्रति सम्मान से प्रेरित था। ईसा मसीह हमें विनम्रता के बारे में सिखाते हैं। बुद्ध की शिक्षाएं हमें अहिंसा का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि हम सत्य, न्याय और समानता के लिए लड़ रहे हैं। इन्हीं मूल्यों ने मेरे भाई को प्रेम और एकता के लिए पूरे भारत में चलने के लिए प्रेरित किया। प्रियंका ने कहा कि वो कुछ महीने पहले, अपने भाई के साथ वायनाड के चूरलमाला और मुंडक्कई गई थी। मैंने तबाही को अपनी आंखों से देखा। मैंने ऐसे बच्चों को देखा जिन्होंने अपना पूरा परिवार खो दिया। मैं उन माताओं से मिली, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया, जिनका पूरा जीवन लैंडस्लाइड में बह गया। उन्होंने कहा कि लैंडस्लाइड के दौरान मैंने एक बात सामने आई कि यहां डॉक्टर, शिक्षक, गृहिणी, सभी एक-दूसरे की मदद करने में लगे हुए थे। वे बिना किसी लालच के करुणा, प्यार, स्नेह और साहस के साथ एक-दूसरे को समर्थन कर रहे थे। आपके परिवार का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।