Friday, April 4

भरतपुर, राजस्थान पल्स न्यूज

भरतपुर और डीग जिले के साधु संत धार्मिक पहाड़ो के खनन को रोकने के लिए हमेशा प्रयासरत रहे है। बाबा विजयदास डीग में होने वाले पहाड़ो के अवैध खनन को रोकने के लिए अपने प्राणो का बलिदान भी कर चुके है। साधु संतों का कहना है कि काला पहाड़ के चारों तरफ आवंटित लीजों को निरस्त नहीं किया गया तो, साधु संत भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

कालिया पहाड़ को देवस्थान विभाग में शामिल करने के लिए ज्ञापन
सोमवार को सभी साधु संत कालिया पहाड़ पर इकठ्ठे हुए और वहां से SDM कार्यालय पहुंचे। सभी साधु संतो ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में साधु संतों ने बताया कि, कालिया बाबा उर्फ़ काला पहाड़ एक धार्मिक पहाड़ है। जहाँ लोग हर अमावस्या को इसकी परिक्रमा करने आते हैं। कालिया पहाड़ के चारों तरफ 60 से 70 मंदिर स्थित हैं। जिनमें खनन की वजह से दरारें आ गई है ओर काफी क्षति पहुंची है।

कालिया पहाड़ पर खनन के लिए जो लीज आवंटित की गई हैं उन्हें निरस्त किया जाए। साथ ही कालिया पहाड़ को देवस्थान विभाग में शामिल किया जाए। खनन के कारण आसपास गांव के लोग सिलिकोसिस बीमारी से मर रहे हैं। साधु संतों ने चेतावनी दी कि अगर 7 दिन के उनकी मांगें नहीं मानी गई तो, 40 गांव के लोगों के साथ साधु संत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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